Pollution Essay in Hindi: प्रदूषण पर निबंध

Pradushan Nibandh In Hindi: प्रदूषण आज की दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है। हम सब बच्चे जब बाहर खेलते हैं, तो कभी-कभी हवा में धुंध जैसा दिखता है, या नदियाँ गंदी हो जाती हैं। प्रदूषण मतलब हमारे आस-पास की हवा, पानी, मिट्टी और आवाज़ में गंदगी बढ़ना।

यह सब इंसान की गलतियों से होता है, और इससे हमारा स्वास्थ्य, जानवर और पेड़-पौधे सब प्रभावित होते हैं। स्कूल के बच्चों के लिए यह प्रदूषण पर निबंध सरल भाषा में लिखा गया है, ताकि कक्षा 1 से 10 तक के सभी छात्र आसानी से समझ सकें और पढ़कर दिल से महसूस करें कि हमें अपनी धरती को बचाना है।

कल्पना कीजिए, पहले समय में हवा कितनी साफ और ताजी होती थी! बच्चे बाहर खेलते थे, साँस लेते थे और खुश रहते थे। लेकिन आज शहरों में धुआँ, कारों का धुआँ और फैक्टरियों का काला धुआँ हवा को गंदा कर देता है। इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।

दिल्ली जैसे शहरों में सर्दियों में धुंध इतनी घनी हो जाती है कि बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, खाँसी होती है और साँस लेना मुश्किल हो जाता है। मेरे मन में दुख होता है जब मैं सोचता हूँ कि छोटे बच्चे भी इस जहरीली हवा से बीमार पड़ रहे हैं। क्या हम नहीं चाहते कि हमारे दोस्त और परिवार वाले हमेशा स्वस्थ रहें?

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प्रदूषण के कई प्रकार हैं। जल प्रदूषण में नदियाँ और तालाब गंदे हो जाते हैं। फैक्टरियों का केमिकल पानी, प्लास्टिक और कचरा नदियों में फेंक दिया जाता है। गंगा जैसी पवित्र नदी भी आज गंदी हो गई है। इससे मछलियाँ मर जाती हैं और लोग गंदा पानी पीकर बीमार पड़ते हैं। मिट्टी प्रदूषण तब होता है जब प्लास्टिक और रसायन मिट्टी में मिल जाते हैं, जिससे फसलें अच्छी नहीं उगतीं।

और ध्वनि प्रदूषण? लाउडस्पीकर, पटाखे और गाड़ियों की हॉर्न से कान दुखते हैं, नींद नहीं आती और छोटे बच्चे डर जाते हैं। ये सब देखकर दिल टूटता है, क्योंकि हमारी धरती माँ हमें इतना कुछ देती है, लेकिन हम उसे गंदा कर रहे हैं।

प्रदूषण के कारण बहुत सारे हैं। कारों और बसों की संख्या बढ़ गई है, फैक्टरियाँ दिन-रात काम करती हैं, पेड़ काट दिए जाते हैं और कचरा इधर-उधर फेंका जाता है। भारत में बहुत से शहरों में हवा इतनी खराब है कि बच्चे अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि हम इसे रोक सकते हैं।

अगर हम ज्यादा पेड़ लगाएँ, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, साइकिल चलाएँ या पैदल जाएँ, कचरा अलग-अलग डालें (रीसाइक्लिंग करें) और पटाखे कम फोड़ें, तो प्रदूषण बहुत कम हो सकता है। मेरे स्कूल में हम हर साल पेड़ लगाते हैं, और जब वो बड़े होते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। लगता है जैसे हम धरती को बचा रहे हैं।

अंत में, प्रदूषण पर निबंध हमें सिखाता है कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर हम छोटे-छोटे कदम उठाएँगे, जैसे पानी बचाना, बिजली बंद करना जब जरूरत न हो, और अपने दोस्तों को बताना कि प्रदूषण क्यों बुरा है, तो हम एक साफ-सुथरी दुनिया बना सकते हैं।

याद रखो बच्चो, धरती हमारा घर है। अगर घर गंदा होगा तो हम खुश कैसे रहेंगे? आओ मिलकर वादा करें कि हम प्रदूषण कम करेंगे और अपनी धरती को हरा-भरा, साफ और सुंदर बनाएँगे। तभी हमारी आने वाली पीढ़ियाँ भी मुस्कुराती रहेंगी।

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