Kargil Vijay Diwas Speech In Hindi: कारगिल विजय दिवस भाषण

Kargil Vijay Diwas Bhashan Hindi: सुप्रभात, आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, प्रिय शिक्षकगण, मेरे प्यारे साथी और छोटे-छोटे दोस्तों!

आज मैं आपके सामने खड़ा हूँ और मेरे दिल में एक अलग ही भावना है। आज का दिन हमारे देश के लिए बहुत खास है। आज हम कारगिल विजय दिवस मना रहे हैं। ये वो दिन है जब हमारे बहादुर सैनिकों ने दुश्मन को हराकर हमारी सीमाओं की रक्षा की थी।

मैं आज आपको भाषण में बताऊँगा कि ये त्योहार हमारे लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है, और कैसे हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। ये भाषण छोटे-बड़े सभी बच्चों के लिए है, ताकि हम सब अपने देश के वीरों को याद करें और गर्व महसूस करें।

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। ये 1999 की बात है। मई महीने में पाकिस्तान की सेना ने चुपके से हमारे देश की सीमा पार करके कारगिल की ऊँची-ऊँची पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया।

वो जगह बहुत ऊँची थी, लगभग 18,000 फीट की ऊँचाई पर, जहाँ बर्फ पड़ती रहती है, ठंड बहुत तेज होती है, और साँस लेना भी मुश्किल। दुश्मन ने सोचा कि हम वहाँ नहीं पहुँच पाएँगे, लेकिन हमारे भारतीय सैनिकों ने हार नहीं मानी। उन्होंने ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू किया।

ये भी पढ़ें: Speech On Janmashtami In Hindi: जन्माष्टमी पर भाषण

सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर लड़ाई लड़ी। लगभग 60 दिन तक ये जंग चली। बहुत मुश्किल हालात थे – बर्फ, ठंड, ऊँचाई, और दुश्मन की गोलियाँ। लेकिन हमारे जवान दिन-रात लड़ते रहे। उन्होंने टाइगर हिल, टोलोलिंग जैसे महत्वपूर्ण पोस्ट वापस जीते।

आखिरकार 26 जुलाई 1999 को पूरी जीत हुई। भारत ने अपनी जमीन वापस ली, और दुश्मन को पीछे हटना पड़ा। इस जीत में हमारे 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए, और बहुत से घायल हुए। उनकी कुर्बानी याद करके आज भी आँखें नम हो जाती हैं।

मित्रों, ये सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं है। ये बहादुरी, दोस्ती और देशभक्ति की कहानी है। कैप्टन विक्रम बत्रा जैसे वीर योद्धा थे, जिन्होंने “ये दिल माँगे मोर!” का नारा दिया। वो पहाड़ पर चढ़ते हुए दुश्मन से लड़ते रहे, और अंत तक देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए।

उन्हें परमवीर चक्र मिला। ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार, लेफ्टिनेंट मनोज पांडे – इन सबके नाम सुनकर गर्व होता है। ये सब युवा थे, जैसे हमारी उम्र के बड़े भाई। उन्होंने अपनी माँ-बाप, बहन-भाई छोड़कर देश की रक्षा की। मुझे सोचकर बहुत दुख होता है कि उनके घर वाले आज भी उन्हें याद करके रोते होंगे। लेकिन साथ ही गर्व भी होता है कि हमारे पास ऐसे सैनिक हैं जो देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर देते हैं।

स्कूल में जब हम कारगिल विजय दिवस मनाते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। हम झंडा फहराते हैं, गाने गाते हैं, और इन वीरों की कहानियाँ सुनते हैं। मैंने एक बार क्लास में विक्रम बत्रा की कहानी सुनाई थी। सब चुप हो गए थे। मुझे लगा कि हम सबके दिल में देशभक्ति की आग जल रही है।

ये दिन हमें सिखाता है कि देश कितना कीमती है। हम घर में आराम से खेलते हैं, पढ़ते हैं, लेकिन वो सैनिक सीमा पर खड़े रहते हैं ताकि हम सुरक्षित रहें। हमें उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए। हमें अच्छे नागरिक बनना चाहिए – पढ़ाई अच्छे से करनी चाहिए, झूठ नहीं बोलना चाहिए, और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। ताकि हमारा देश और मजबूत बने।

कारगिल की लड़ाई हमें याद दिलाती है कि एकता में ताकत है। जब पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ, तो जीत जरूर मिली। आज भी अगर कोई मुश्किल आए, तो हमें एकजुट रहना चाहिए। हमारे सैनिक आज भी बॉर्डर पर तैनात हैं – चाहे कितनी भी ठंड हो, बारिश हो या खतरा हो। हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं। हमें उन्हें सपोर्ट करना चाहिए – जैसे सेना के लिए कुछ अच्छा काम करना, या बस उनका सम्मान करना।

अंत में, मेरे प्यारे दोस्तों, कारगिल विजय दिवस हमें बताता है कि हमारा देश कितना प्यारा है, और इसे बचाने वाले कितने बहादुर हैं। हम सब मिलकर वादा करें कि हम अच्छे इंसान बनेंगे, देश से प्यार करेंगे, और कभी भी उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। शहीदों को सलाम! जय हिंद! जय भारत!

धन्यवाद!

Leave a Comment