Diwali Essay In Hindi: दीवाली पर निबंध हिंदी

Diwali Nibandh Hindi: दीवाली, जिसे हम रोशनी का त्योहार भी कहते हैं, भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्यारा पर्व है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को यह त्योहार मनाया जाता है। स्कूल के बच्चे इस त्योहार का इंतजार पूरे साल करते हैं क्योंकि यह खुशियों, मिठाइयों और पटाखों से भरा होता है।

जब दीवाली आती है, तो घर-घर में एक अलग ही रौनक छा जाती है। बच्चे सोचते हैं कि अब छुट्टियां मिलेंगी, नए कपड़े पहनेंगे और दोस्तों के साथ मस्ती करेंगे। यह त्योहार हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है, जो हमें जीवन में हमेशा सकारात्मक रहने की प्रेरणा देता है।

दीवाली का इतिहास बहुत पुराना है। मान्यता है कि भगवान राम रावण को हराकर अयोध्या लौटे थे, तब लोगों ने उनके स्वागत में पूरे शहर को दीयों से सजा दिया था। इसलिए दीवाली को हम विजय का पर्व भी मानते हैं। इसके अलावा, इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं।

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बच्चे जब पूजा में बैठते हैं, तो उन्हें लगता है कि जैसे कोई जादू हो रहा है। मोमबत्तियां और दीये जलाने से घर चमक उठता है, और हवा में अगरबत्ती की खुशबू फैल जाती है। मेरे मन में हमेशा यह भावना आती है कि दीवाली परिवार को एक साथ लाती है। मम्मी-पापा, भाई-बहन सब मिलकर घर सजाते हैं, और उस समय की खुशी शब्दों में बयान नहीं की जा सकती।

दीवाली मनाने का तरीका हर जगह थोड़ा अलग होता है, लेकिन मूल भावना एक ही है। कुछ दिन पहले से ही घर की सफाई शुरू हो जाती है। बच्चे स्कूल से घर आकर मां की मदद करते हैं, दीवारों पर रंगोली बनाते हैं और रंग-बिरंगे कागजों से लालटेन सजाते हैं।

शाम को पूजा होती है, जिसमें हम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को याद करते हैं। पूजा के बाद मिठाइयां बांटी जाती हैं लड्डू, बर्फी, गुलाब जामुन – सोचकर ही मुंह में पानी आ जाता है! फिर पटाखे चलाने का समय आता है। अनार, फुलझड़ियां और रॉकेट की चमक से रात जगमगा उठती है।

लेकिन आजकल हम पर्यावरण का भी ध्यान रखते हैं। पटाखों से धुआं होता है, जो हवा को गंदा करता है और जानवरों को डराता है। इसलिए कई बच्चे अब इको-फ्रेंडली दीवाली मनाते हैं, जहां दीये जलाते हैं लेकिन पटाखे कम चलाते हैं। यह हमें सिखाता है कि खुशी मनाते समय प्रकृति का भी ख्याल रखना चाहिए।

दीवाली सिर्फ रोशनी और मस्ती का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें मानवीय भावनाओं से जोड़ता है। जब हम पड़ोसियों को मिठाई देते हैं, तो दोस्ती बढ़ती है। गरीब बच्चों को नए कपड़े देकर उनकी मुस्कान देखकर दिल को सुकून मिलता है। मेरे जैसे कई बच्चे सोचते हैं कि दीवाली पर कोई अकेला न रहे, सब खुश रहें।

यह त्योहार हमें सिखाता है कि अंधेरे में भी रोशनी ढूंढनी चाहिए। कभी-कभी स्कूल में दीवाली पर निबंध लिखते समय मैं सोचता हूं कि यह पर्व हमें कितना कुछ सिखाता है – धैर्य, मेहनत और प्रेम।

अंत में, दीवाली हमें जीवन की सच्ची खुशी का मतलब समझाती है। यह परिवार, दोस्तों और समाज के साथ मिलकर जश्न मनाने का अवसर है। अगर हम दीवाली को सच्चे दिल से मनाएं, तो साल भर हमारे जीवन में रोशनी बनी रहेगी। बच्चे, इस त्योहार को ऐसे मनाओ कि तुम्हारी यादें हमेशा मीठी रहें। जय हो दीवाली की!

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