Azadi Ka Amrit Mahotsav Nibandh: नमस्कार दोस्तों! आज मैं आपको आजादी का अमृत महोत्सव के बारे में बताना चाहता हूं। यह एक बहुत खास उत्सव है जो हमारे देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर मनाया गया। जब मैं छोटा था, तो दादी जी मुझे आजादी की लड़ाई की कहानियां सुनाती थीं।
वे बताती थीं कि कैसे हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, कितने लोगों ने जेल में समय बिताया और कितनों ने अपनी जान तक दे दी। उन कहानियों को सुनकर मेरे मन में देश के लिए गर्व की भावना जागती थी। आजादी का अमृत महोत्सव हमें वही भावनाएं फिर से जीने का मौका देता है। यह महोत्सव हमें याद दिलाता है कि आजादी कितनी कीमती है और हमें इसे संभालकर रखना है।
आजादी का अमृत महोत्सव क्या है? यह भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक बड़ा कार्यक्रम है। इसका मतलब है आजादी का अमृत वाला उत्सव। अमृत मतलब अमरता और खुशी का रस। 12 मार्च 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के साबरमती आश्रम से इसकी शुरुआत की।
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क्यों साबरमती? क्योंकि इसी जगह से महात्मा गांधी जी ने दांडी मार्च शुरू किया था। यह महोत्सव 75 सप्ताह तक चला और 15 अगस्त 2023 को इसका समापन हुआ।
पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरों में अलग-अलग कार्यक्रम हुए। लोग पेड़ लगाते थे, सफाई अभियान चलाते थे, स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां सुनाते थे और तिरंगा फहराते थे। में हम यही बातें लिखते हैं कि यह उत्सव सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि यादों को ताजा करने और नए संकल्प लेने का तरीका था।
इस महोत्सव में बहुत सारे थीम थे। जैसे गुमनाम नायकों की कहानियां, महिलाओं की भूमिका, युवाओं का योगदान और पर्यावरण की रक्षा। मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगा जब स्कूल में हमने उन स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पोस्टर बनाए जो इतिहास की किताबों में कम नाम आते हैं।
जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई और नेताजी सुभाष चंद्र बोस। लेकिन कई ऐसे भी थे जिनका नाम हम नहीं जानते थे। वे चुपचाप लड़ते रहे और देश को आजाद कराने में मदद की।
सोचिए, अगर वे न होते तो आज हम यहां स्वतंत्रता से जी नहीं पाते। सुनकर बच्चों को लगता है कि हमारी आजादी कितने बलिदानों से मिली है। मेरे मन में जब मैं इन कहानियों के बारे में सोचता हूं, तो आंखें नम हो जाती हैं। कितना प्यार था उन लोगों में देश के लिए!
आजादी का अमृत महोत्सव हमें सिखाता है कि आजादी मिलना ही काफी नहीं है। हमें इसे मजबूत बनाना है। हम छोटे-छोटे काम करके देश की सेवा कर सकते हैं। जैसे पढ़ाई अच्छे से करें, झूठ न बोलें, पर्यावरण बचाएं और सबके साथ अच्छा व्यवहार करें।
महोत्सव में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चला, जिसमें हर घर में तिरंगा फहराया गया। मुझे अपने घर में तिरंगा लगाने का बहुत अच्छा लगता था। ऐसा लगता था जैसे पूरा देश एक परिवार है। में यही भावना है कि हम सब मिलकर भारत को और बेहतर बनाएं। अब हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नए-नए रोड, ट्रेन, स्कूल और अस्पताल बन रहे हैं। लेकिन हमें याद रखना है कि यह सब उन वीरों की वजह से संभव हुआ है जिन्होंने सपने देखे थे।
दोस्तों, आजादी का अमृत महोत्सव खत्म हो गया, लेकिन उसकी सीख हमें हमेशा साथ रहनी चाहिए। हमें अपने देश से प्यार करना है, मेहनत करनी है और अच्छे नागरिक बनना है। अगर हम सब ऐसा करेंगे, तो भारत और मजबूत बनेगा। अंत में मैं कहना चाहता हूं कि आजादी का अमृत हमें पीना है और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। जय हिंद! जय भारत!