NSS Par Bhashan: नमस्कार, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, अध्यापकगण, मेरे प्यारे दोस्तों और सभी उपस्थित भाइयों-बहनों। आज मैं यहां खड़ा हूं, अपने स्कूल के मंच पर, और मेरे मन में एक विशेष उत्साह है। मेरा नाम [आपका नाम] है, और मैं कक्षा [आपकी कक्षा] का छात्र हूं।
आज का यह अवसर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के बारे में बात करने का है। एनएसएस एक ऐसा कार्यक्रम है जो हमें सिखाता है कि कैसे हम अपने समाज की सेवा करके खुद को बेहतर इंसान बना सकते हैं।
मुझे याद है, जब मैं पहली बार एनएसएस कैम्प में गया था, तो मेरे मन में डर था, लेकिन वहां की दोस्ती और सेवा की भावना ने मुझे इतना छुआ कि आज मैं यहां खड़ा होकर इसके बारे में बोल रहा हूं। आज का यह हमें बताएगा कि एनएसएस क्या है, क्यों महत्वपूर्ण है, और हम इसमें कैसे योगदान दे सकते हैं। चलिए, शुरू करते हैं।
में सबसे पहले हमें समझना चाहिए कि एनएसएस क्या है। राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरुआत 1969 में हुई थी, जब महात्मा गांधी जी की जन्म शताब्दी पर इसे लॉन्च किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य है छात्रों को सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करना।
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स्कूल और कॉलेज के छात्र एनएसएस में शामिल होकर गांवों में जाते हैं, सफाई अभियान चलाते हैं, पेड़ लगाते हैं, और जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। मुझे याद है, पिछले साल हमारे स्कूल के एनएसएस ग्रुप ने एक गांव में कैम्प लगाया था।
वहां के बच्चे कितने गरीब थे, उनके पास किताबें तक नहीं थीं। हमने उन्हें पुरानी किताबें दीं, और साथ में खेलकर उन्हें खुश किया। उस दिन मुझे लगा कि सेवा करने से कितनी खुशी मिलती है। जैसे मां अपने बच्चे की देखभाल करती है, वैसे ही एनएसएस हमें सिखाता है कि समाज हमारा परिवार है, और उसकी देखभाल हमारी जिम्मेदारी है।
अगर हम सुनें, तो पता चलता है कि एनएसएस सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि जीवन का एक सबक है।
एनएसएस की गतिविधियां बहुत रोचक होती हैं। जैसे, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच कैंप, पर्यावरण संरक्षण अभियान, और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम। मैंने एक बार रक्तदान किया था, और डर लग रहा था। लेकिन जब डॉक्टर ने बताया कि मेरा रक्त किसी की जान बचा सकता है, तो मेरी आंखें नम हो गईं।
सोचिए, हमारी छोटी सी मदद से किसी का जीवन बदल सकता है। में हमें यह भी बताना चाहिए कि एनएसएस छात्रों के व्यक्तित्व विकास में मदद करता है। इससे हमें नेतृत्व की क्षमता मिलती है, टीम वर्क सीखते हैं, और समाज की समस्याओं को समझते हैं। जैसे गरीबी, अशिक्षा, और प्रदूषण। आजकल पर्यावरण की समस्या बहुत बड़ी है।
एनएसएस के माध्यम से हम पेड़ लगाकर, प्लास्टिक कम करके धरती को बचा सकते हैं। मुझे अपने एक दोस्त की कहानी याद आती है, जो एनएसएस में शामिल होने से पहले बहुत शर्मीला था। लेकिन कैम्प के बाद वह इतना आत्मविश्वासी हो गया कि अब वह सबको प्रेरित करता है। यह देखकर मन में कितनी खुशी होती है, जैसे कोई फूल खिल रहा हो। एनएसएस हमें सिखाता है कि जीवन में सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि सेवा भी महत्वपूर्ण है।
सुनकर हमें प्रेरणा मिलती है कि हम कैसे बदलाव ला सकते हैं। भारत जैसे देश में जहां करोड़ों लोग गरीबी में जीते हैं, एनएसएस जैसे कार्यक्रम बहुत जरूरी हैं। सरकार भी एनएसएस को बढ़ावा देती है, और छात्रों को प्रमाण पत्र देती है, जो आगे नौकरी में मदद करता है। लेकिन असली फायदा तो दिल की शांति है।
कल्पना कीजिए, अगर हर छात्र एनएसएस में शामिल हो, तो हमारा देश कितना सुंदर हो जाएगा। कोई भूखा नहीं सोएगा, कोई अकेला नहीं रहेगा। मुझे लगता है, एनएसएस हमें मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है दया, करुणा, और सहयोग।
जब मैं कैम्प में बुजुर्गों से बात करता हूं, उनकी कहानियां सुनता हूं, तो लगता है कि जीवन कितना कीमती है। एक बार एक दादी ने मुझे गले लगाकर कहा, “बेटा, तुम्हारी तरह के बच्चे ही देश का भविष्य हैं।” उस पल मेरी आंखों में आंसू आ गए। में यही भावनाएं हमें जोड़ती हैं।
दोस्तों, आज का यह भाषण समाप्त करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि एनएसएस में शामिल होना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर वादा करें कि हम एनएसएस की गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे, और अपने समाज को बेहतर बनाएंगे। अगर हम छोटे-छोटे कदम उठाएं, तो बड़ा बदलाव आएगा। अंत में, मैं सभी को धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे सुनने का समय दिया। जय हिंद! जय भारत!