Earth Day Speech in Hindi: पृथ्वी दिवस पर भाषण हिंदी

Pruthvi Diwas Bhashan Hindi: नमस्कार दोस्तों, अध्यापकों और सभी उपस्थित जनों। आज मैं आपके सामने पृथ्वी दिवस पर एक छोटा सा भाषण देना चाहता हूं। पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी धरती कितनी सुंदर और महत्वपूर्ण है।

लेकिन आजकल पर्यावरण की समस्याओं के कारण हमारी पृथ्वी खतरे में है। मुझे याद है, जब मैं छोटा था, तो गांव में जाकर पेड़ों के नीचे खेलता था। हवा कितनी साफ थी और नदियां कितनी साफ बहती थीं। लेकिन अब शहरों में धुंध और प्रदूषण देखकर मन उदास हो जाता है। में हम यही बात करते हैं कि कैसे हम अपनी धरती को बचा सकते हैं।

पृथ्वी दिवस की शुरुआत 1970 में अमेरिका में हुई थी। एक व्यक्ति नाम गेलॉर्ड नेल्सन ने इसे शुरू किया, क्योंकि वे पर्यावरण की रक्षा के लिए चिंतित थे। तब से यह दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है। भारत में भी स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में कार्यक्रम होते हैं, जहां लोग पेड़ लगाते हैं, कचरा साफ करते हैं और पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाते हैं।

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सुनकर बच्चे समझते हैं कि छोटी-छोटी आदतें बड़ी बदलाव ला सकती हैं। जैसे, प्लास्टिक की थैलियां न इस्तेमाल करें, पानी बचाएं और साइकिल चलाएं। मुझे लगता है, अगर हम सब मिलकर प्रयास करें, तो हमारी धरती फिर से हरी-भरी हो सकती है। कल्पना कीजिए, अगर हम पेड़ न लगाएं, तो पक्षी कहां रहेंगे? नदियां गंदी हो जाएंगी और हमारी सांसें भी प्रदूषित हो जाएंगी। यह सोचकर दिल दुखता है।

आज की दुनिया में जलवायु परिवर्तन एक बड़ी समस्या है। ग्लोबल वार्मिंग से बर्फ पिघल रही है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है और मौसम बदल रहा है। में हमें बताना चाहिए कि हम क्या कर सकते हैं। स्कूल में हम रीसाइक्लिंग सीख सकते हैं – कागज, प्लास्टिक और कांच को अलग-अलग रखें।

घर में बिजली बचाएं, लाइट बंद रखें जब जरूरत न हो। मैंने खुद अपने घर में एक छोटा सा गार्डन बनाया है, जहां मैं सब्जियां उगाता हूं। इससे मुझे खुशी मिलती है और पर्यावरण की मदद भी होती है।

दोस्तों, पृथ्वी हमारी मां है। जैसे मां हमें प्यार देती है, वैसे ही धरती हमें भोजन, पानी और हवा देती है। लेकिन हम उसे चोट पहुंचा रहे हैं। कारखानों का धुआं, वाहनों का प्रदूषण और जंगलों की कटाई – ये सब हमें रोकना होगा।

सुनकर हमें प्रेरणा मिलती है कि बदलाव हमसे शुरू होता है। सरकार भी कानून बना रही है, जैसे स्वच्छ भारत अभियान, लेकिन असली बदलाव तो हम बच्चों से आएगा।

हम स्कूल में पोस्टर बनाएं, नाटक करें और अपने दोस्तों को बताएं। कल्पना कीजिए, अगर हर बच्चा एक पेड़ लगाए, तो कितने जंगल बन जाएंगे! मुझे विश्वास है कि हमारी पीढ़ी धरती को बेहतर बनाएगी। आखिर में, मैं कहना चाहता हूं कि पृथ्वी दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि रोज की जिम्मेदारी है। सब मिलकर वादा करें कि हम अपनी धरती की रक्षा करेंगे। धन्यवाद!

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