Mera School Nibandh: स्कूल हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह जगह जहाँ हम हर रोज जाते हैं, सीखते हैं, खेलते हैं और दोस्त बनाते हैं। मेरे लिए मेरा स्कूल घर जैसा है, जहाँ मैं खुश रहता हूँ और नई-नई बातें सीखता हूँ। आज मैं आपको मेरे स्कूल पर हिंदी में निबंध बताने जा रहा हूँ। यह निबंध मेरे अनुभवों पर आधारित है और उम्मीद करता हूँ कि आपको भी अपना स्कूल याद आएगा।
मेरा स्कूल शहर के बीच में स्थित है। उसका नाम “सरकारी प्राथमिक विद्यालय” है, लेकिन हम सब उसे प्यार से “हमारा स्कूल” कहते हैं। सुबह जब मैं स्कूल जाता हूँ, तो बड़ा सा गेट देखकर मन खुश हो जाता है। गेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में स्कूल का नाम लिखा है और चारों तरफ हरे-भरे पेड़ लगे हैं।
स्कूल की इमारत दो मंजिला है, जिसमें कई क्लासरूम हैं। मेरी क्लास दूसरी मंजिल पर है, जहाँ से बाहर का नजारा बहुत सुंदर दिखता है। क्लासरूम में ब्लैकबोर्ड, डेस्क और कुर्सियाँ हैं। टीचर हमें बोर्ड पर लिखकर पढ़ाती हैं। कभी-कभी हम प्रोजेक्टर से वीडियो भी देखते हैं, जो पढ़ाई को मजेदार बनाता है।
स्कूल में सबसे अच्छी बात हमारे टीचर्स हैं। मेरी क्लास टीचर मैम रानी हैं। वे बहुत दयालु हैं और हमें माँ की तरह प्यार करती हैं। जब मैं बीमार होता हूँ, तो वे मेरी तबीयत पूछती हैं और कहती हैं, “बेटा, ध्यान रखना।” एक बार मैंने गणित में कम नंबर लाए थे, तो मैम ने मुझे एक्स्ट्रा टाइम देकर समझाया।
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उस दिन मैंने सीखा कि मेहनत से सब कुछ हो सकता है। हमारे प्रिंसिपल सर भी बहुत अच्छे हैं। वे हर सुबह असेंबली में हमें अच्छी बातें बताते हैं, जैसे ईमानदारी और मेहनत की कहानियाँ। असेंबली में हम राष्ट्रगान गाते हैं, जिससे मन में देशभक्ति की भावना आती है। मेरे दोस्त भी स्कूल को स्पेशल बनाते हैं।
मेरा सबसे अच्छा दोस्त राहुल है। हम साथ में टिफिन शेयर करते हैं और रिसेस में क्रिकेट खेलते हैं। एक बार हमने स्कूल की तरफ से पिकनिक पर गए थे, जहाँ हमने खूब मस्ती की। वह दिन कभी नहीं भूलता, क्योंकि वहाँ हमने झूले झूले और आइसक्रीम खाई।
स्कूल में पढ़ाई के अलावा कई एक्टिविटीज होती हैं। हर साल स्पोर्ट्स डे होता है, जहाँ हम दौड़, कबड्डी और फुटबॉल खेलते हैं। मैंने पिछले साल दौड़ में प्राइज जीता था, जिससे मुझे बहुत गर्व हुआ।
ड्राइंग क्लास में हम पेंटिंग बनाते हैं और टीचर हमें तारीफ करती हैं। किताबों की लाइब्रेरी भी है, जहाँ से मैं स्टोरी बुक लेता हूँ। पढ़ने से मेरी हिंदी सुधरती है और नई-नई कहानियाँ पता चलती हैं। लेकिन कभी-कभी स्कूल में होमवर्क ज्यादा हो जाता है, तो थोड़ा दुख होता है। फिर भी, मैं जानता हूँ कि यह सब हमारे भविष्य के लिए है। स्कूल हमें अनुशासन सिखाता है, जैसे समय पर आना और सबके साथ मिलकर रहना।
मेरा स्कूल मुझे बहुत प्यारा है क्योंकि यहाँ मैंने इतने सारे दोस्त बनाए और इतनी सारी यादें संजोईं। यह जगह न सिर्फ पढ़ाई की है, बल्कि जीवन की सीख देने वाली है।
अगर स्कूल न होता, तो जीवन कितना बोरिंग होता! मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि मेरा स्कूल हमेशा ऐसा ही रहे। सभी बच्चों को अपना स्कूल प्यार करना चाहिए, क्योंकि यही हमारा दूसरा घर है।