Speech On Tree In Hindi: पेड़ पर भाषण हिंदी

Tree Par Bhashan Hindi: नमस्ते आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्माननीय शिक्षकगण, मेरे प्यारे साथियों और सभी उपस्थित महानुभावों। आज मुझे इस मंच पर खड़े होकर कुछ शब्द कहने का अवसर मिला है, और मैं बहुत खुश हूँ। मैं कक्षा 8 का छात्र हूँ, और प्रकृति से मुझे बहुत प्यार है।

बचपन से ही मैं पेड़ों के नीचे खेलता आया हूँ, उनकी छाँव में बैठकर किताबें पढ़ता हूँ। पेड़ मुझे अपने दोस्त जैसे लगते हैं – हमेशा देने वाले, कभी कुछ न मांगने वाले। आज मैं पेड़ों के बारे में बात करूँगा, क्योंकि वे हमारे जीवन का आधार हैं।

अब मैं अपना भाषण शुरू करता हूँ। पेड़ प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार हैं। वे हमें सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं। सोचिए, अगर पेड़ न हों तो हम कैसे जीवित रहेंगे? पेड़ दिन-रात मेहनत करते हैं – सूरज की रोशनी से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन बनाते हैं।

मेरे लिए पेड़ सिर्फ हरे पत्तों वाले नहीं, बल्कि जीवन के रक्षक हैं। गर्मियों में जब धूप तेज होती है, तो पेड़ की छाँव कितनी सुकून देती है! मैं याद करता हूँ, पिछले साल गर्मी में स्कूल से घर आते समय एक बड़े नीम के पेड़ के नीचे बैठा था, हवा कितनी ठंडी लग रही थी। उस पल दिल में एक अजीब सी खुशी हुई, जैसे पेड़ मुझे गले लगा रहा हो।

पेड़ों का महत्व हमारे पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा है। वे बारिश लाने में मदद करते हैं, क्योंकि उनकी जड़ें पानी सोखती हैं और बादल बनाते हैं। अगर पेड़ कम हो जाएँगे, तो सूखा पड़ेगा, बाढ़ आएगी।

पेड़ मिट्टी को मजबूत बनाते हैं, ताकि भूस्खलन न हो। शहरों में प्रदूषण इतना बढ़ गया है – कारों का धुआँ, फैक्टरियों का जहरीला धुआँ। लेकिन पेड़ ये सब साफ करते हैं। वे धूल को रोकते हैं और हवा को ताजा रखते हैं। मेरी दादी कहती हैं कि पहले गाँव में इतने पेड़ थे कि हवा हमेशा मीठी लगती थी।

अब शहर में रहते हैं तो कभी-कभी सांस लेने में तकलीफ होती है। यह सोचकर दुख होता है कि हम खुद पेड़ काट रहे हैं और फिर प्रदूषण से परेशान हो रहे हैं।

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पेड़ हमें कितनी चीजें देते हैं – फल, सब्जियाँ, लकड़ी, दवाइयाँ। आम, केला, सेब – ये सब पेड़ों से मिलते हैं। नीम, तुलसी जैसी जड़ी-बूटियाँ बीमारियों में काम आती हैं। पक्षी पेड़ों पर घोंसले बनाते हैं, जानवर छाँव लेते हैं। एक बार मैंने देखा, हमारे स्कूल के पीपल के पेड़ पर कितने पक्षी चहचहा रहे थे।

उनकी आवाज सुनकर मन खुश हो गया। लेकिन अगर पेड़ कट जाएँगे, तो ये पक्षी कहाँ जाएँगे? पेड़ हमें सिखाते हैं कि निस्वार्थ भाव से दें। वे कभी शिकायत नहीं करते, बस चुपचाप हमारी सेवा करते हैं। मेरे दिल में एक भावना है कि पेड़ हमारे बड़े भाई जैसे हैं – हमारी रक्षा करते हैं, हमें मजबूत बनाते हैं।

आजकल पेड़ों की कटाई बहुत हो रही है – घर बनाने, सड़कें बनाने के लिए। इससे ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ रही है, धरती गर्म हो रही है। बर्फ पिघल रही है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है। हमें यह समझना होगा कि पेड़ बचाना हमारा कर्तव्य है। स्कूल में हम वृक्षारोपण करते हैं, और मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मैं खुद एक पौधा लगाता हूँ।

पानी डालता हूँ, देखभाल करता हूँ। सोचता हूँ कि यह छोटा पौधा बड़ा होकर कितनों को छाँव देगा। मेरी एक याद है – कक्षा 5 में मैंने एक आम का पौधा लगाया था। आज वह बड़ा हो गया है, और उस पर फल लगते हैं। जब मैं फल खाता हूँ, तो लगता है जैसे अपनी मेहनत का मीठा फल मिल रहा है। ऐसी खुशी कहीं और नहीं मिलती।

हम बच्चों को पेड़ों से बहुत कुछ सीखना चाहिए – धैर्य, देने की भावना, प्रकृति से जुड़ना। घर में गमले लगाएँ, स्कूल में अभियान चलाएँ। प्लास्टिक की जगह कागज का कम इस्तेमाल करें, ताकि पेड़ कम कटें। अगर हर बच्चा एक पेड़ लगाए, तो दुनिया कितनी हरी-भरी हो जाएगी!

अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा कि पेड़ हमारे सच्चे मित्र हैं। उन्हें बचाएँ, लगाएँ और प्यार करें। इससे हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। धन्यवाद प्रधानाचार्य जी, शिक्षकों और साथियों को। आप सबने मुझे सुना, इसके लिए दिल से शुक्रिया। जय हिंद!

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