Annual Day Bhashan: नमस्ते आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण, मेरे प्यारे दोस्तों और सभी अभिभावकों। आज हमारे स्कूल का वार्षिक दिवस है, और मुझे इस मंच पर खड़े होकर कुछ शब्द कहने का मौका मिला है। मैं कक्षा 7 का छात्र हूँ, और मेरे दिल में आज इतनी खुशी है कि मैं बता नहीं सकता।
यह दिन हमारे लिए बहुत खास है, क्योंकि इसमें हम अपनी मेहनत दिखाते हैं, नाचते-गाते हैं और पुरस्कार पाते हैं। जब मैं छोटा था, तो वार्षिक दिवस का इंतजार मुझे ऐसे लगता था जैसे कोई बड़ा उत्सव आने वाला हो। घर पर माँ तैयारियाँ करतीं, और मैं उत्सुकता से स्कूल आता।
आज भी वैसी ही भावना है एक मिश्रित खुशी और थोड़ी सी घबराहट। लेकिन यही तो जीवन है, जहाँ हर पल हमें कुछ नया सिखाता है।
अब मैं अपने भाषण को आगे बढ़ाता हूँ। वार्षिक दिवस हमारे स्कूल के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहाँ हम सब मिलकर अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। इस दिन हम न सिर्फ पढ़ाई की बात करते हैं, बल्कि खेल, नृत्य, संगीत और नाटक जैसी गतिविधियों से जुड़ते हैं।
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मुझे याद है, पिछले साल जब मैंने एक नाटक में भाग लिया था, तो मंच पर जाने से पहले मेरी धड़कनें तेज हो गई थीं। लेकिन जब दर्शकों की तालियाँ बजीं, तो लगा जैसे सारी दुनिया मेरी हो गई। ऐसे पल हमें आत्मविश्वास देते हैं और बताते हैं कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
हमारे शिक्षक हमें पूरे साल तैयार करते हैं, और यह दिन उनकी मेहनत का फल है। वे हमें सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन के सबक भी सिखाते हैं – जैसे दोस्ती का महत्व, टीम वर्क और कभी हार न मानना।
वार्षिक दिवस पर हम अपने दोस्तों के साथ कितनी मस्ती करते हैं। सुबह से ही स्कूल सज जाता है – रंग-बिरंगे गुब्बारे, फूलों की मालाएँ और मंच पर चमकती लाइटें। बच्चे अपने नए कपड़ों में तैयार होते हैं, और अभिभावक कैमरे लेकर आते हैं ताकि ये यादें हमेशा संजोई रहें।
मेरे लिए यह दिन परिवार जैसा लगता है, क्योंकि स्कूल ही हमारा दूसरा घर है। कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि अगर वार्षिक दिवस न होता, तो हमारी जिंदगी कितनी बोरिंग होती। यह हमें मौका देता है कि हम अपनी छिपी हुई प्रतिभा को बाहर लाएँ। जैसे, मेरी एक दोस्त है जो पढ़ाई में कमजोर है, लेकिन नृत्य में कमाल करती है।
पिछले साल उसने एक डांस परफॉर्मेंस दी, और सबने तारीफ की। उसकी आँखों में चमक देखकर मुझे लगा कि यही तो सफलता है – खुद पर गर्व करना। ऐसे भावनात्मक पल हमें जोड़ते हैं और सिखाते हैं कि हर बच्चा खास है।
इस दिन हम अपने स्कूल की उपलब्धियों पर भी गर्व करते हैं। पूरे साल हमने कितनी मेहनत की – परीक्षाओं में अच्छे नंबर लाए, खेल प्रतियोगिताओं में जीते और सामाजिक कार्यों में भाग लिया। वार्षिक दिवस पर जब प्रधानाचार्य जी रिपोर्ट पढ़ते हैं, तो लगता है जैसे हमारा स्कूल एक बड़ा परिवार है जो साथ में आगे बढ़ रहा है।
लेकिन सिर्फ जीत ही नहीं, हार से भी हम सीखते हैं। मुझे याद है, एक बार मैंने एक क्विज में हिस्सा लिया और हार गया। उस समय दुख हुआ, लेकिन शिक्षक जी ने कहा कि अगली बार और मेहनत करो। आज मैं उस हार को अपनी ताकत मानता हूँ।
वार्षिक दिवस हमें यही सिखाता है – जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन मुस्कुराते रहना चाहिए। और हाँ, इस दिन की मिठाइयाँ और स्नैक्स तो अलग ही मजा देते हैं! बच्चे इधर-उधर भागते हैं, हँसते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। ये छोटी-छोटी खुशियाँ जीवन को सुंदर बनाती हैं।
वार्षिक दिवस का एक और महत्वपूर्ण पहलू है पर्यावरण और समाज के प्रति जागरूकता। हमारे स्कूल में इस साल हमने एक नाटक किया जो पेड़ लगाने की बात पर था। जब मैंने उसमें भाग लिया, तो लगा कि हम सिर्फ मनोरंजन नहीं कर रहे, बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बच्चे ऐसे कार्यक्रमों से सीखते हैं कि हमें अपने आसपास की देखभाल करनी चाहिए। मेरे दिल में एक भावना है कि वार्षिक दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि पूरे साल की यादों का जश्न है। यह हमें प्रेरित करता है कि अगले साल और बेहतर करें। कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि बड़े होकर जब मैं पीछे मुड़कर देखूँगा, तो ये पल सबसे प्यारे लगेंगे – दोस्तों की हँसी, शिक्षकों की सराहना और परिवार का समर्थन।
अंत में, मैं कहना चाहूँगा कि वार्षिक दिवस हमारे लिए एक उत्सव है जो हमें एकजुट करता है। धन्यवाद प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण और सभी को जिन्होंने इस दिन को इतना खास बनाया। मेरे प्यारे दोस्तों, चलो मिलकर और मेहनत करें ताकि अगला वार्षिक दिवस और भी शानदार हो। जय हिंद! धन्यवाद।