Safety Speech In Hindi: सुरक्षा पर भाषण

Safety Bhashan Hindi: सम्माननीय प्रधानाचार्य जी, आदरणीय शिक्षकगण, और मेरे प्यारे साथियों। नमस्कार! आज मैं इस मंच पर खड़ा होकर बहुत खुश हूँ, क्योंकि मुझे एक ऐसे विषय पर बोलने का मौका मिला है जो हम सबकी जिंदगी से जुड़ा है।

हम रोज स्कूल आते-जाते हैं, खेलते हैं, पढ़ते हैं, लेकिन क्या हम कभी सोचते हैं कि हम सुरक्षित हैं या नहीं? आज मैं सुरक्षा के बारे में अपनी बात रखूँगा, क्योंकि सुरक्षा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। चलिए, अब हम इस पर विस्तार से बात करते हैं।

भाषण शुरू करते हुए, मैं कहना चाहूँगा कि सुरक्षा का मतलब सिर्फ बड़े-बड़े नियम नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सावधानियाँ हैं जो हमारी जान बचा सकती हैं। सबसे पहले, सड़क सुरक्षा की बात करते हैं। हम सब स्कूल आने के लिए सड़क का इस्तेमाल करते हैं – कोई बस से, कोई साइकिल से, तो कोई पैदल।

लेकिन सड़क पर कितने खतरे हैं! मुझे याद है, एक बार मेरे एक दोस्त ने सड़क पार करते समय इधर-उधर नहीं देखा और गाड़ी के बहुत करीब पहुँच गया। शुक्र है कि कुछ नहीं हुआ, लेकिन उस दिन मुझे बहुत डर लगा। हमेशा याद रखो, सड़क पार करने से पहले दाएँ-बाएँ देखो, ज़ेबरा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करो, और ट्रैफिक लाइट का इंतजार करो|

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लाल बत्ती पर रुको, हरी बत्ती पर चलो। अगर बस से जाते हो, तो बस रुकने का इंतजार करो, कभी चलती बस में न चढ़ो या उतरो। साइकिल चलाते समय हेलमेट जरूर पहनो। ये छोटी बातें लगती हैं, लेकिन ये हमारी जान बचा सकती हैं। भारत में हर साल हजारों दुर्घटनाएँ होती हैं, और उनमें कई बच्चे भी शामिल होते हैं। हमें ये नहीं होने देना चाहिए।

अब स्कूल में सुरक्षा की बात। स्कूल हमारा दूसरा घर है, जहाँ हम घंटों बिताते हैं। यहाँ भी हमें सावधान रहना चाहिए। क्लासरूम में दौड़ना नहीं, सीढ़ियों पर धीरे चलना, और खेलते समय एक-दूसरे को धक्का नहीं देना। मुझे एक बार खेल के मैदान में गिरने से चोट लग गई थी, क्योंकि मैं तेज दौड़ रहा था।

उस दिन मुझे समझ आया कि खेल भी सुरक्षित तरीके से खेलना चाहिए। अगर आग लगने की ड्रिल होती है, तो शांत रहकर बाहर निकलो। स्कूल में अजनबी व्यक्ति आए तो कभी अकेले उसके साथ मत जाओ, टीचर को बताओ।

घर में भी सुरक्षा महत्वपूर्ण है – बिजली के तारों से दूर रहो, गैस का चूल्हा बंद करना याद रखो, और अकेले घर पर हो तो दरवाजा किसी को मत खोलो। आजकल ऑनलाइन भी खतरे हैं, जैसे अनजान लोगों से चैट करना। कभी पर्सनल जानकारी शेयर मत करो।

मुझे अपनी छोटी बहन को हमेशा समझाता हूँ कि फोन पर अजनबी से बात मत करो। ये सब सुनकर लगता है कि कितना कुछ ध्यान रखना पड़ता है, लेकिन ये आदत बन जाए तो आसान हो जाता है।

सुरक्षा सिर्फ खुद की नहीं, दूसरों की भी जिम्मेदारी है। अगर कोई दोस्त गलत कर रहा हो, जैसे बिना हेलमेट के साइकिल चला रहा हो, तो उसे रोकना हमारा फर्ज है। मम्मी-पापा और टीचर्स हमें ये सब सिखाते हैं, क्योंकि वे हमसे प्यार करते हैं और नहीं चाहते कि हमें कोई तकलीफ हो।

मुझे बहुत दुख होता है जब न्यूज़ में सुनता हूँ कि किसी बच्चे के साथ दुर्घटना हो गई। हम सब मिलकर ऐसा नहीं होने देंगे। सरकार भी रोड सेफ्टी वीक मनाती है, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाती है। हमें इनका हिस्सा बनना चाहिए।

अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा कि सुरक्षा कोई बोझ नहीं, बल्कि हमारी ढाल है। अगर हम सावधान रहेंगे, तो खुशी-खुशी स्कूल आएँगे, खेलेंगे और बड़े होकर सपने पूरे करेंगे। आइए, हम सब वादा करें कि सुरक्षा के नियमों का पालन करेंगे और दूसरों को भी सिखाएँगे। मेरे सभी साथियों को सुरक्षित रहने की शुभकामनाएँ। धन्यवाद! जय हिंद!

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