Covid-19 Responsive School Nibandh: कोविड-१९ एक बहुत बड़ी महामारी थी, जो २०१९ में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई। यह एक छोटा सा वायरस था, जो बहुत तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता था। मुझे याद है, जब यह भारत में आया, तो सब कुछ बदल गया।
स्कूल बंद हो गए, दुकानें बंद हो गईं और हम सब घर पर रहने लगे। मुझे अपने दोस्तों की बहुत याद आती थी। खेल का मैदान खाली पड़ा रहता था और मैं सोचता था कि कब सब ठीक होगा। कोविड-१९ ने हमें सिखाया कि स्वास्थ्य कितना कीमती है और हम कितने कमजोर हो सकते हैं। इस निबंध में मैं कोविड-१९ के बारे में बताऊंगा, ताकि हम सब याद रखें और आगे सतर्क रहें।
सबसे पहले, कोविड-१९ के लक्षण क्या थे? अगर किसी को यह हो जाता था, तो पहले बुखार आता था, फिर खांसी, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ। कुछ लोगों को तो स्वाद और सूंघने की शक्ति भी चली जाती थी। मैंने टीवी पर देखा था कि अस्पतालों में बेड कम पड़ गए थे और डॉक्टर दिन-रात मेहनत कर रहे थे।
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मेरे पड़ोस में एक अंकल को कोविड हुआ था, वे बहुत कमजोर हो गए थे। लेकिन अच्छी बात यह थी कि ज्यादातर लोग ठीक हो जाते थे, खासकर अगर वे जल्दी इलाज करवाते थे। इस महामारी ने लाखों लोगों की जान ली, लेकिन इसने हमें एकजुट भी किया। सबने मिलकर मदद की – कुछ ने खाना बांटा, कुछ ने मास्क सिले। मुझे गर्व होता है कि हमारे देश के वैज्ञानिकों ने जल्दी वैक्सीन बना ली।
दूसरी बात, कोविड-१९ से बचने के तरीके। सरकार ने हमें बताया कि हाथ बार-बार धोओ, मास्क पहनो और एक-दूसरे से दूरी रखो। लॉकडाउन के समय हम घर पर ही रहते थे। मैं घर पर ऑनलाइन क्लास करता था, जो शुरू में अजीब लगता था, लेकिन बाद में मजा आने लगा।
मम्मी-पापा घर से काम करते थे। हमने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताया, खेल खेले और पुरानी कहानियां सुनीं। लेकिन मुझे दुख होता था जब सुनता था कि कुछ लोग अकेले रह गए या अपने परिवार से दूर हो गए। कोविड ने हमें सिखाया कि छोटी-छोटी आदतें कितनी महत्वपूर्ण हैं।
जैसे, छींकते समय मुंह ढकना या भीड़ में न जाना। अब भी, जब सर्दी होती है, तो मैं मास्क पहन लेता हूं, क्योंकि पुरानी आदत जो पड़ गई।
तीसरा, कोविड-१९ का असर हमारे जीवन पर। स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित हुई, लेकिन टीचर्स ने ऑनलाइन तरीके से हमें पढ़ाया। कई बच्चे गरीब थे, उनके पास फोन या इंटरनेट नहीं था, उन्हें बहुत मुश्किल हुई। अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई, कई लोगों की नौकरियां चली गईं।
लेकिन अच्छी बात यह है कि हमने इससे सीखा। अब हम ज्यादा मजबूत हैं। वैक्सीन आने के बाद सब धीरे-धीरे सामान्य हो गया। आज २०२६ में कोविड अब उतना खतरनाक नहीं रहा, लेकिन यह अभी भी है। नए वैरिएंट आते रहते हैं, इसलिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है। मुझे खुशी है कि अब स्कूल खुले हैं और हम दोस्तों से मिलते हैं।
अंत में कहूं तो कोविड-१९ एक बड़ा सबक था। इसने हमें बताया कि प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर हम साफ-सफाई रखें, स्वस्थ खाएं और वैक्सीन लगवाएं, तो ऐसे वायरस से डरने की जरूरत नहीं। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे कभी ऐसी महामारी न आए।
हम सब मिलकर एक स्वस्थ और खुशहाल दुनिया बनाएं। कोविड-१९ ने हमें दुख दिया, लेकिन मजबूत भी बनाया।