Swagat Bhashan In Hindi: स्वागत भाषण हिंदी

Swagat Speech Hindi: स्वागत भाषण एक ऐसा माध्यम है जो किसी कार्यक्रम की शुरुआत में मेहमानों का दिल से अभिनंदन करता है। यह भाषण स्कूल के बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वे आत्मविश्वास सीखते हैं और दूसरों को सम्मान देना समझते हैं।

जब कोई बच्चा मंच पर खड़ा होकर स्वागत करता है, तो उसके मन में एक खुशी की लहर दौड़ती है, जैसे कोई नया दोस्त मिल गया हो। यह भाषण सरल शब्दों में होना चाहिए, ताकि सुनने वाले को घर जैसा महसूस हो।

स्कूल में वार्षिक उत्सव, खेल दिवस या किसी विशेष अतिथि के आने पर स्वागत भाषण दिया जाता है। इससे कार्यक्रम की गरिमा बढ़ती है और सबका मन प्रसन्न होता है। अब हम एक उदाहरण देखेंगे कि कैसे एक बच्चा स्वागत भाषण दे सकता है।

भाषण की शुरुआत करते हुए, मान लीजिए आज हमारे स्कूल में एक बड़ा कार्यक्रम है। आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, प्राचार्य जी, शिक्षकगण, मेरे प्यारे दोस्तों और सभी उपस्थित जनों। सबसे पहले मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।

आज का यह दिन हमारे लिए बहुत खास है, क्योंकि हम सब मिलकर खुशियां मनाने आए हैं। जब मैं यहां खड़ा हूं, तो मेरे दिल में एक गर्मजोशी महसूस हो रही है, जैसे सूरज की पहली किरण ने सबको छुआ हो। मुख्य अतिथि जी, आपका आना हमारे स्कूल को और चमकदार बना देता है। आप जैसे महान व्यक्ति से हमें प्रेरणा मिलती है कि मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

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प्राचार्य जी, आप हमारे स्कूल के पिता समान हैं। आपकी मार्गदर्शन से हम बच्चे रोज नई चीजें सीखते हैं। आपका स्वागत करते हुए मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं अपने घर में मेहमानों को बुला रहा हूं। शिक्षकगण, आप हमारे गुरु हैं, जो हमें ज्ञान की रोशनी देते हैं।

बिना आपके, हमारा स्कूल अधूरा है। आप सभी का हार्दिक अभिनंदन। मेरे प्यारे दोस्तों, आज हम सब एक साथ हैं, हंसते-खेलते। यह कार्यक्रम हमारी दोस्ती को और मजबूत बनाएगा।

अब थोड़ा कार्यक्रम के बारे में। आज हम नृत्य, गीत, नाटक और खेल प्रदर्शन करेंगे। हर बच्चा अपनी प्रतिभा दिखाएगा। मुख्य अतिथि जी, आप हमें आशीर्वाद दें कि हम अच्छा प्रदर्शन करें। जब हम मंच पर जाते हैं, तो थोड़ा डर लगता है, लेकिन आप सभी की तालियां हमें हिम्मत देती हैं।

यह स्वागत भाषण मुझे मौका देता है कि मैं अपनी भावनाएं व्यक्त करूं। बचपन में जब मैं छोटा था, तो सोचता था कि मंच पर बोलना कितना मुश्किल है, लेकिन आज मैं यहां हूं, और यह सब आप लोगों के प्यार से संभव हुआ।

स्कूल में ऐसे कार्यक्रम हमें सिखाते हैं कि जीवन में स्वागत कैसे किया जाए। जैसे फूल खिलकर सबको खुशबू देते हैं, वैसे ही हमें दूसरों का सम्मान करना चाहिए। मुख्य अतिथि जी, आपकी उपस्थिति से हमारा स्कूल धन्य हो गया। प्राचार्य जी और शिक्षकों, आपका मार्गदर्शन हमें आगे बढ़ाता है। दोस्तों, आज का दिन यादगार बनाएं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह कार्यक्रम सबके लिए खुशी का कारण बनेगा।

अंत में, एक बार फिर आप सभी का धन्यवाद। जय हिंद!

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