Corruption Nibandh In Hindi: भ्रष्टाचार शब्द सुनते ही मन में एक गुस्सा सा उठता है। भ्रष्टाचार क्या है? सरल शब्दों में कहें तो जब कोई व्यक्ति अपने पद या जिम्मेदारी का गलत इस्तेमाल करके पैसे या फायदा लेता है, तो उसे भ्रष्टाचार कहते हैं।
जैसे, एक सरकारी अधिकारी जो सड़क बनाने के लिए आए पैसे अपनी जेब में डाल लेता है, या एक शिक्षक जो परीक्षा में अच्छे नंबर देने के लिए पैसे मांगता है। ये सब भ्रष्टाचार के उदाहरण हैं। आज के समय में भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है, जो हमारे देश को अंदर से खोखला कर रहा है।
इस निबंध में मैं भ्रष्टाचार के कारण, प्रभाव और उसके उपायों के बारे में बताऊंगा, ताकि स्कूल के बच्चे भी इसे आसानी से समझ सकें और इस पर सोच सकें।
भ्रष्टाचार की शुरुआत कहाँ से होती है? इसका मुख्य कारण है लालच। लोगों को ज्यादा पैसे कमाने की चाहत होती है, लेकिन मेहनत से नहीं बल्कि गलत रास्ते से। दूसरा कारण है गरीबी। कुछ लोग इतने गरीब होते हैं कि छोटी-छोटी चीजों के लिए रिश्वत देते या लेते हैं।
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उदाहरण के लिए, मेरे एक दोस्त के दादाजी को पेंशन लेने के लिए सरकारी दफ्तर जाना पड़ा। वहाँ एक अधिकारी ने कहा, “पैसे दोगे तो काम जल्दी हो जाएगा।” दादाजी बहुत दुखी हुए क्योंकि उनके पास अतिरिक्त पैसे नहीं थे। ऐसी बातें सुनकर मन भर आता है, क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लाखों लोगों का दर्द है। तीसरा कारण है कानून का कमजोर होना। जब भ्रष्ट लोगों को सजा नहीं मिलती, तो दूसरों को भी लगता है कि ऐसा करना आसान है।
भ्रष्टाचार का असर बहुत बुरा होता है। यह समाज और देश को कमजोर बनाता है। जब पैसे गलत जगह जाते हैं, तो स्कूल, अस्पताल और सड़कें ठीक से नहीं बन पातीं। सोचिए, एक छोटे गाँव के बच्चे जब स्कूल जाते हैं और छत टपकती है क्योंकि निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ, तो उन्हें कितना दुख होता होगा।
मैंने एक बार खबर में पढ़ा था कि एक पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार की वजह से वह गिर गया और कई लोग घायल हो गए। यह सुनकर आँखों में आँसू आ जाते हैं, क्योंकि बेकसूर लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। भ्रष्टाचार से अमीर और अमीर होते जाते हैं और गरीब और गरीब। इससे देश के विकास में रुकावट आती है और लोगों का विश्वास कम हो जाता है। हम बच्चों को लगता है कि दुनिया अच्छी होनी चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार उसे बदसूरत बना देता है।
अब सवाल यह है कि भ्रष्टाचार को कैसे रोका जाए? सबसे पहले शिक्षा बहुत जरूरी है। स्कूल में ही बच्चों को ईमानदारी की सीख दी जानी चाहिए। मैं खुद स्कूल में एक नाटक में हिस्सा लिया था, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ बोला था। तब समझ आया कि छोटी-छोटी बातों से बदलाव शुरू होता है।
दूसरा, कानून को सख्त करना चाहिए और भ्रष्ट लोगों को जल्दी सजा मिलनी चाहिए। सरकार को पारदर्शिता लानी चाहिए, जैसे ऑनलाइन सिस्टम जिसमें बिना रिश्वत के काम हो जाए। तीसरा, हर व्यक्ति को खुद से शुरुआत करनी चाहिए। जैसे परीक्षा में नकल न करना या छोटी बातों में ईमानदार रहना।
जब मैंने अपनी माँ को कहा कि मैं कभी गलत नहीं करूँगा, तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। ऐसी खुशी हर किसी को महसूस करनी चाहिए।
अंत में, भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है, लेकिन इसे रोकना संभव है। अगर हम सब मिलकर कोशिश करें, तो एक साफ-सुथरा और न्यायपूर्ण समाज बना सकते हैं।
हम बच्चों की जिम्मेदारी है कि हम ईमानदार रहें और दूसरों को भी प्रेरित करें। भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमारा सपना होना चाहिए। यह निबंध लिखते हुए मुझे लगता है कि हर शब्द में एक उम्मीद है, जो भविष्य में जरूर फल देगी।