Essay On Makar Sankranti In Hindi: मकर संक्रांति पर निबंध

Makar Sankranti Par Nibandh: मकर संक्रांति भारत का एक बहुत खुशी का त्योहार है। जब मैं इस त्योहार के बारे में सोचता हूँ, तो मेरे मन में ढेर सारी यादें आ जाती हैं। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती हुईं, घर में तिल-गुड़ की मिठाइयाँ बनती हुईं और परिवार के साथ हँसी-खुशी का माहौल।

यह त्योहार हमें बताता है कि सर्दी अब खत्म हो रही है और अच्छे दिन आने वाले हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे मकर संक्रांति कहते हैं। यह हर साल जनवरी महीने में 14 या 15 तारीख को मनाया जाता है।

मकर संक्रांति का बहुत बड़ा महत्व है। यह फसल का त्योहार है। किसान भाई नई फसल काटकर बहुत खुश होते हैं और सूर्य देव को धन्यवाद देते हैं। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर नदी में स्नान करते हैं। गंगा नदी में डुबकी लगाना बहुत पुण्य का काम माना जाता है।

मैंने टीवी पर देखा है कि लाखों लोग प्रयागराज या हरिद्वार में नहाने जाते हैं। स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं और दान करते हैं। तिल, गुड़, कपड़े या अनाज दान करने से मन को बहुत शांति मिलती है। मुझे लगता है कि इस दिन दान करने से हमारा दिल बड़ा हो जाता है और दूसरों की मदद करने की भावना आती है।

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भारत के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाते हैं। गुजरात में इसे उत्तरायण कहते हैं और वहाँ पतंगबाजी का बहुत बड़ा मेला लगता है। पूरा आसमान पतंगों से भर जाता है। बच्चे छत पर चढ़कर “काई पो छे” चिल्लाते हैं। मुझे पतंग उड़ाना बहुत पसंद है।

जब पतंग ऊपर उड़ती है, तो ऐसा लगता है जैसे हमारी खुशियाँ भी आसमान छू रही हैं। महाराष्ट्र में लोग तिल-गुड़ की लड्डू बनाते हैं और कहते हैं “तिल गुड़ घ्या, गोड़ गोड़ बोला” यानी मीठा खाओ और मीठा बोलो। इससे रिश्तों में मिठास आती है। पंजाब में लोहड़ी मनाते हैं, जहाँ आग जलाकर नाच-गाना होता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल कहते हैं और नई फसल से खास पकवान बनाते हैं।

इस त्योहार पर घर में खास खाना बनता है। माँ तिल के लड्डू, गजक, खिचड़ी और गुड़ की रोटी बनाती हैं। तिल और गुड़ खाने से शरीर गर्म रहता है, जो सर्दी में बहुत अच्छा है। हम सब मिलकर खाते हैं और एक-दूसरे को मिठाई बाँटते हैं। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी देते हैं। इससे सबके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।

मकर संक्रांति हमें सिखाता है कि जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहो, जैसे सूर्य देव उत्तर की ओर जाते हैं। हमें भी अंधेरे से प्रकाश की ओर जाना चाहिए। यह त्योहार एकता और प्यार का संदेश देता है।

जब मैं बड़ा होऊँगा, तो इस त्योहार को और धूमधाम से मनाऊँगा और सबको खुश रखूँगा। मकर संक्रांति हमें नई उम्मीद और खुशी देती है। हैप्पी मकर संक्रांति!

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