Atal Bihari Vajpayee Speech In Hindi: अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी भाषण

Atal Bihari Vajpayee Bhashan Hindi: सुप्रभात, मेरे प्यारे शिक्षकों, दोस्तों और यहां मौजूद सभी लोगों! आज मैं इस मंच पर खड़ा हूं और एक ऐसे महान व्यक्ति पर बात करने जा रहा हूं जिनकी याद मुझे हमेशा प्रेरणा देती है। मैं इयत्ता नौवीं का छात्र हूं, और स्कूल में जब हम इतिहास पढ़ते हैं, तो ऐसे नेता मिलते हैं जो दिल को छू जाते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी जी एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने अपने शब्दों से पूरे देश को एकजुट किया।

मैंने उनकी एक तस्वीर देखी थी, जहां वे मुस्कुराते हुए खड़े थे, और वह मुस्कान मुझे लगा जैसे कह रही हो कि जीवन में मुश्किलें आएं, लेकिन हिम्मत मत हारो। आज हम सब मिलकर उनके जीवन पर विचार करेंगे, ताकि हम भी उनके जैसे बन सकें।

आज मैं आपको अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में बताना चाहता हूं। अटल बिहारी वाजपेयी जी हमारे देश के एक महान नेता थे, जिन्होंने हिंदी में ऐसे भाषण दिए जो लोगों के दिलों को छू जाते थे। वे 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में पैदा हुए थे। उनका जन्मदिन क्रिसमस के दिन होता था, और अब इसे सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनके पापा एक स्कूल टीचर थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें पढ़ाई और अच्छे संस्कार मिले। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत पढ़ी, और राजनीति शास्त्र में मास्टर्स डिग्री ली।

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क्या आप जानते हैं, वे एक कवि भी थे? उनकी कविताएं इतनी सुंदर हैं कि पढ़कर मन खुश हो जाता है। जैसे उनकी एक कविता में वे कहते हैं कि अंधेरों को उजाले में बदलना है यह हमें सिखाता है कि मुश्किल समय में भी उम्मीद रखो। मुझे याद है, जब मैं छोटा था, तो दादी मां उनकी कविताएं सुनाती थीं, और मैं सोचता था कि ऐसे शब्द कैसे कोई लिख सकता है।

वाजपेयी जी ने युवावस्था में ही देश सेवा का रास्ता चुना। वे आरएसएस और जनसंघ से जुड़े, और फिर भाजपा पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे कई बार संसद सदस्य चुने गए, और 50 साल से ज्यादा समय तक लोकसभा में रहे यह एक रिकॉर्ड है!

वाजपेयी जी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 1996 में सिर्फ 13 दिन के लिए, लेकिन उन्होंने दिखाया कि ईमानदारी से काम कैसे किया जाता है। फिर 1998 से 2004 तक उन्होंने लंबे समय तक नेतृत्व किया। उनके समय में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किए, जो दिखाते हैं कि हमारा देश मजबूत और आत्मनिर्भर है। लेकिन वे हमेशा शांति की बात करते थे।

1999 में उन्होंने लाहौर बस यात्रा की, पाकिस्तान जाकर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। क्या आप कल्पना कर सकते हैं, एक बस में बैठकर सीमा पार जाना और शांति की बात करना? यह देखकर मुझे लगा कि सच्चा नेता दुश्मनी नहीं, प्यार फैलाता है। कारगिल युद्ध के समय उन्होंने हमारे सैनिकों का साथ दिया, और जीत हासिल की। उनकी वजह से देश में सड़कें बनीं, जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जिससे गांवों के बच्चे आसानी से स्कूल जा सकें।

उन्होंने सरवा शिक्षा अभियान शुरू किया, ताकि हर बच्चा पढ़ सके। अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया, विदेशी कंपनियों को आमंत्रित किया, और भारत को दुनिया में सम्मान दिलाया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया पहली बार! सोचो, पूरी दुनिया के सामने अपनी भाषा में बोलना कितना गर्व की बात है। उनकी आवाज में एक जादू था, जो लोगों को जोड़ती थी।

वाजपेयी जी के भाषणों में हमेशा भावनाएं होती थीं। वे कहते थे कि भारत विविधता में एकता का देश है। उनकी एक मशहूर पंक्ति है “न दैन्यं न पलायनम” यानी न कमजोरी, न भागना। यह हमें सिखाता है कि चुनौतियों से लड़ो। वे एक कवि थे, इसलिए उनके शब्दों में कविता जैसी मिठास थी।

उनकी किताबें जैसे “अमर आग है” पढ़कर लगता है कि वे हमारे दिल की बात कह रहे हैं। मुझे एक कहानी याद आती है वे कभी शादी नहीं किए, लेकिन अपने दोस्त की बेटी को गोद लिया और उसे अपनी बेटी की तरह पाला। यह दिखाता है कि उनका दिल कितना बड़ा था।

जब नेहरू जी का निधन हुआ, तो वाजपेयी जी ने उन्हें राम के जैसे बताया, जो हमें सिखाता है कि विरोधी होने पर भी सम्मान दो। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि पढ़ाई करो, देश के लिए काम करो, और हमेशा मुस्कुराओ। मैं जब उनकी तस्वीर देखता हूं, तो सोचता हूं कि काश मैं भी उनके जैसे बनूं जो शब्दों से दुनिया बदल दें।

अंत में, मैं कहना चाहता हूं कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन हमें प्रेरणा देता है। वे 2018 में हमें छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी यादें और शब्द हमेशा हमारे साथ हैं। वे भारत रत्न से सम्मानित हुए, और उनका जन्मदिन अब अच्छे शासन का प्रतीक है। आज से हम संकल्प लें कि हम उनके जैसे बनेंगे ईमानदार, बहादुर और प्यार करने वाले। उनके शब्दों की तरह, हमारा देश हमेशा चमकेगा। धन्यवाद, और जय हिंद!

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