15 August Speech in Hindi: स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

15 August Bhashan: प्रिय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय शिक्षकगण, मेरे प्यारे साथी और सभी उपस्थित मित्रों, नमस्कार! आज हम सब यहां एकत्र हुए हैं उस खास दिन को याद करने और मनाने के लिए, जिसे हम 15 अगस्त या स्वतंत्रता दिवस कहते हैं।

जब मैं यह भाषण दे रहा हूं, तो मेरे मन में एक अलग ही भावना है गर्व की, खुशी की, और थोड़ी सी आंखों में नमी भी। क्योंकि आज हम उस आजादी का जश्न मना रहे हैं, जो हमारे दादा-परदादाओं ने बहुत मुश्किलों से पाई थी।

15 अगस्त में सबसे पहले तो मैं उन सभी वीरों को याद करना चाहता हूं, जिन्होंने अपने खून से हमें यह आजादी दी। महात्मा गांधी जी ने अहिंसा का रास्ता दिखाया, भगत सिंह ने अपनी जवान उम्र में फांसी पर चढ़कर कहा कि “मेरी मौत से इंकलाब आएगा”, सुभाष चंद्र बोस ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा लगाया।

रानी लक्ष्मीबाई, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू जैसे अनगिनत लोग थे, जिन्होंने जेलों में सड़ते रहे, लाठियां खाईं, लेकिन कभी झुके नहीं। सोचिए, जब वे जेल में थे, तो उनके मन में कितना दर्द होगा, कितनी चिंता होगी परिवार की, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। मेरे दिल में उनके लिए बहुत सम्मान है, और कभी-कभी लगता है कि अगर मैं उनकी जगह होता तो क्या कर पाता।

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1947 में 15 अगस्त को आधी रात को जब भारत आजाद हुआ, तो लाल किले पर तिरंगा फहराया गया। नेहरू जी ने कहा था – “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” यानी किस्मत से वादा। उस रात पूरा देश जाग रहा था, लोग रो रहे थे खुशी से, बच्चे सड़कों पर दौड़ रहे थे।

आज जब हम स्कूल में तिरंगा देखते हैं, तो हमें याद आता है कि यह झंडा सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि उन बलिदानों की निशानी है। हमारा तिरंगा – केसरिया ऊपर, सफेद बीच में, हरा नीचे और बीच में नीला चक्र। यह हमें सिखाता है कि हमें मेहनत करनी है, शांति रखनी है, और आगे बढ़ते रहना है।

आज हम आजाद हैं, हम अपनी भाषा बोल सकते हैं, अपनी धार्मिक मान्यताएं रख सकते हैं, पढ़ सकते हैं, खेल सकते हैं। स्कूल में हमारी पढ़ाई होती है, दोस्तों के साथ मस्ती होती है, घर पर मां-पापा से प्यार मिलता है। लेकिन क्या हम जानते हैं कि आजादी के बिना यह सब नहीं होता? पहले अंग्रेज हमें दबाते थे, हमारे घरों में टैक्स लगाते थे, हमारी जमीन छीनते थे। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते थे, लड़कियां तो दूर की बात। आज हम सब खुश हैं, क्योंकि हमारी आजादी है।

लेकिन दोस्तों, आजादी सिर्फ मिली नहीं, हमें इसे बचाना भी है। आजकल हमें देखना चाहिए कि हम देश के लिए क्या कर रहे हैं। हम पढ़ाई अच्छे से करें, झूठ न बोलें, पर्यावरण का ख्याल रखें, सबके साथ अच्छा व्यवहार करें।

अगर हम सब मिलकर मेहनत करेंगे, तो भारत और मजबूत बनेगा। जैसे हमारे देश में इतनी सारी भाषाएं, इतने धर्म हैं, फिर भी हम एक हैं – यही हमारी ताकत है। विविधता में एकता!

जब मैं 15 अगस्त के दिन स्कूल में आता हूं, तो झंडा फहराते देखकर, राष्ट्रगान गाते हुए मेरी आंखें भर आती हैं। मुझे लगता है कि मैं भी उन वीरों का हिस्सा हूं, और मुझे भी देश के लिए कुछ करना है। हम सब बच्चे मिलकर सपना देखें – एक ऐसा भारत जहां कोई भूखा न सोए, कोई अशिक्षित न रहे, सब खुश हों।

अंत में, मैं बस इतना कहना चाहता हूं – हमारी आजादी अमूल्य है। इसे कभी कमजोर न होने दें। हम सब मिलकर अपने देश को और बेहतर बनाएं। मेरे प्यारे साथियों, आज के दिन आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। चलो, साथ मिलकर कहें – जय हिंद! जय भारत! भारत माता की जय!

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